वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरुमे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
Call Now:+91-9977750003ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात् ||
Call Now:91-9977750003यह स्थान चिंतामण गणेश नामक ग्राम से जाना जाता है निकटतम रेलवे स्टेशन चिंतामन गणेश अति समीप है यह मंदिर उज्जैन से दक्षिण पश्चिम की ओर 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यहां पर भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमाओं का पूजन किया जाता है माना जाता है कि केवल विश्व में एकमात्र स्थल है जहां पर एक ही प्रतिमा में गणेश जी के 3 स्वरूपों के दर्शन होते हैं यह स्थान उज्जैन के दक्षिण में स्थित है वर्तमान मंदिर का स्वरूप इंदौर की धर्मात्मा महारानी देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा जीर्णोद्धारित है । वर्तमान में स्वतंत्र भारत सरकार आवश्यकता अनुसार मंदिर में विकास कार्य के प्रति कटिबद्ध हैं। भगवान श्री गणेश जी परब्रह्म स्वरुप और कृष्णत्त्व है । इन्ही की कृपा से समस्त विघ्नों और चिंताओं का नाश होता है। भगवान महागणपति को चिंतामणि रूप में पूजा जाता है यहां पर इस दिव्य स्वरुप का पूजन किया जाता है चिंतामणि का शाब्दिक अर्थ होता है चिंता को मिटाने वाले ।यहां पर गणेश जी के दर्शन मात्र से समस्त चिंता से मुक्ति मिलती है,,,
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प्रथम स्वरूप भगवान श्री चिंतामन गणेश अपने भक्तों के समस्त चिंता को हरने वाले हैं । इनके दर्शन मात्र से समस्त चिताओं से मुक्ति मिलती है और मन को अपार शांति का अनुभव होता है। भगवान श्री चिंतामन गणेश जी भक्तों के समस्त चिंता एवं विघ्नों को दूर करते हैं। द्वितीय स्वरूप भगवान श्री इच्छा मन गणेश अपने भक्तों की समस्त इच्छा पूर्ति का वरदान प्रदान करते हैं। दर्शन मात्र से मनोवांछित इच्छा पूर्ति करने वाले भगवान भक्तो की मन इच्छा पूर्ण करते हैं। तृतीय स्वरूप श्री सिद्धिविनायक गणेश जी अपने भक्तों के समस्त शुभ मंगल कार्यों को सिद्ध करते हैं। इनके दर्शन करने वाले भक्तो को कार्य में सफलता प्राप्त होती हैं। गणेश जी सफलता के मार्ग में आने वाले विघ्नों और बाधाओ का नाश करते हैं। यह तीनो स्वरूप एक ही प्रतिमा में क्रमशः दर्शन करने को मिलते हैं। सौम्य स्वरुप में विराजित गणेश जी त्रिविध तापो को समन करने वाले है।
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श्री चिंतामन गणेश मंदिर प्रांगण के वायव्य कोण में स्थित श्री विघ्न हरण हनुमान जी भक्तों के समस्त विघ्नों को हरने वाले हैं । रोग एवं अन्य बाधाओ से भक्तों को मुक्त करने वाले हैं। प्रति मंगलवार हनुमान जी का श्रृंगार कर आरती की जाती है यहां पर निरंतर धूप चलती है जिनकी भस्म लगाने और ग्रहण करने से रोगों से मुक्ति मिलती है यहां हनुमान जी महाराज गणेश जी की आज्ञा से भक्तों को सुख प्रदान करते हैं । यहां पर हनुमान जी राम दूत स्वरूप में विराजमान है हनुमान जी चिरंजीवी होने के साथ-साथ साक्षात देव भी हैं जो शुद्ध अंतर मन से पुकारने पर भक्तों की विनती स्वीकार करते हैं और उनके कष्ट, भय, रोग एवं भौतिक तापों का नाश कर कर अभयता का वर प्रदान करते हैं। मान्यता है कि निरंतर पांच बुधवार यहां दर्शन करने से कार्य सिद्ध होते हैं।
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